लॉकडाउन 4.0 – कितनी राहत, कितनी सख्ती

कोरोना महामारी के कारण देश भर में लॉकडाउन को 14 दिन के लिए आगे खिसकाकर 31 मई तक बढ़ा दिया गया है.

कोरोना महामारी के कारण देश भर में लॉकडाउन को 14 दिन के लिए आगे खिसकाकर 31 मई तक बढ़ा दिया गया है.

देश में लॉकडाउन का यह चौथा चरण है जिसका संकेत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल में दे दिया था.

देश में कोरोना के मामले 90 हजार से ऊपर जा चुके हैं. चौथे चरण में लोगों को कितनी राहत मिली या कितनी सख्ती की गई, उसका विवरण इस प्रकार है:

  • चौथे चरण में भी देश भर में घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा जबकि घरेलू चिकित्सा सेवा, एयर एंबुलेंस और सुरक्षा उद्देश्यों तथा गृह मंत्रालय की अनुमति से विशेष परिस्थिति में इसकी अनुमति होगी.
  • मेट्रो, स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक और कोचिंग संस्थान पहले की तरह ही देश भर में बंद रहेंगे.
  • होटलों, रेस्तरां और अन्य आतिथ्य सेवाओं पर प्रतिबंध जारी रहेगा.
  • बस डिपो, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर कैंटीन खोलने की अनुमति होगी.
  • सिनेमा हाल, शापिंग मॉल, जिम, मनोरंजन पार्क आदि, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और इसी तरह की सभाओं या भीड़-भाड़ वाले आयोजनों पर भी प्रतिबंध रहेगा.
  • धार्मिक स्थल भी लोगों के लिए बंद रहेंगे.
  • दूरस्थ और ऑनलाइन शिक्षा माध्यम की अनुमति होगी.
  • रेस्तरांओं को भी होम डिलिवरी करने की अनुमति रहेगी.
  • खेल परिसरों और स्टेडियम को खेल गतिविधियों के लिए खोलने की अनुमति है लेकिन दर्शकों का प्रवेश नहीं होगा.
  • कार्यस्थलों तथा सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना जरूरी होगा.
  • सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर पहले की तरह की जुर्माना वसूला जाएगा.
  • विवाह से संबंधित समारोह में 50 से अधिक व्यक्तियों के शामिल होने की अनुमति नहीं होगी.
  • अंतिम संस्कार जैसे आयोजनों में 20 से अधिक लोग एकत्र नहीं हो सकेंगे.
  • पान, गुटखा और तंबाकू का सार्वजनिक स्थानों पर सेवन भी प्रतिबंधित रहेगा.
  • सभी कार्यस्थलों पर थर्मल स्कैनिंग, हाथ धोने और सेनेटाइजर की व्यवस्था करनी होगी.
  • सभी दुकानों में दो गज की दूरी के नियमों का पालन जरूरी होगा और एक बार में वहां पांच से अधिक ग्राहक नहीं रहेंगे.
  • 65 वर्ष से अधिक आयु के लोग, खतरनाक बीमारियों से पीड़ित, गर्भवती महिलाएं और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, अत्यंत आवश्यक गतिविधि को छोड़कर बाकी समय अपने घरों में ही रहेंगे.
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