आज फिर जीने की तमन्ना है: ओ सजना बरखा बहार आई

ओ सजना बरखा बहार आई, रस की फुहार लाई (परख-1960) – यह हिंदी गाना बॉलीवुड के सबसे प्रसिद्ध गानों में रखा जाता है. ख़ास तौर पर जब बात बारिश के गानों की हो. लता मंगेशकर के अनमोल व बेहतरीन गानों में भी ओ सजना बरखा बहार आई की गिनती होती है.

लेकिन, क्या आप जानते हैं कि ओ सजना बरखा बहार आई (O Sajna Barkha Bahaar Aayee) गाने का जन्म कैसे हुआ? अगर सब कुछ सामान्य होता तो फ़िल्म परख (Parakh) में किसी गाने की जरूरत ही नहीं समझी गई थी. और जब गीतकार शैलेन्द्र का जादू चला तो एक-पर-एक गानों ने अपनी जगह बनाई.

परख फ़िल्म में फिल्माया गया यह गाना एक मास्टरपीस है. हिंदी-युग्म के अनुसार, “ओ सजना बरखा बहार आई एक बहुत ही नमर-ओ-नाज़ुक गीत है बरखा रानी से जुड़ा हुआ. बारिश की रस भरी फुहार किस तरह से पेड़ पौधों के साथ-साथ हमारे दिलों में भी प्रेम रस का संचार करती है, उसी का वर्णन है इस गीत में. और सलिल चौधरी के मीठे धुनों के भी क्या कहने!”

आज फिर जीने की तमन्ना है सीरीज में आपको लगातार एक-के-बाद-एक क़िस्सा सुना रहे हैं बबलू दिनेश शैलेंद्र. फ़िल्म डायरेक्टर होने के नाते फ़िल्मी कहानी सुनाने का बबलू दिनेश शैलेन्द्र का अनोखा अंदाज़ है.

सुनें और सुनाएं भारत बोलेगा पॉडकास्ट, जहां आपको जानकारी भी मिलती है और समझदारी भी. इस सीरीज के सभी पॉडकास्ट सुनने के लिए यहां क्लिक करें.

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