आज फिर जीने की तमन्ना है: शैलेन्द्र की बॉलीवुड इंट्री

आज फिर जीने की तमन्ना है सीरीज के इस पॉडकास्ट में आप सुनेंगे कि कैसे गीतकार शैलेन्द्र ने बॉलीवुड में प्रवेश किया. कवि से गीतकार बनने का सफ़र महज एक इत्तेफाक था या फिर ऐसा होना तय था.

फ़िल्म बरसात (Barsat) 1949 में आई और यह पहली हिंदी फ़िल्म थी जिसमें टाइटल सॉन्ग (title song) का इस्तेमाल हुआ और यह गाना लिखा शैलेन्द्र ने.

बरसात के सारे गाने लिखे जा चुके थे उसके बावजूद राज कपूर को कुछ कमी महसूस हो रही थी और तब उन्हें मिले शैलेन्द्र. लेकिन यह कैसे हुआ यह जाने इस पॉडकास्ट में.

शैलेन्द्र के दो गाने बरसात के लिए लिए गए – बरसात में हमसे मिले तुम और पतली कमर है. यह पॉडकास्ट आज फिर जीने की तमन्ना है सीरीज की 14 वीं कड़ी है.

पॉडकास्ट में आपको लगातार एक-के-बाद-एक क़िस्सा सुना रहे हैं बबलू दिनेश शैलेंद्र. फ़िल्म डायरेक्टर होने के नाते फ़िल्मी कहानी सुनाने का बबलू दिनेश शैलेन्द्र का अनोखा अंदाज़ है.

सुनें और सुनाएं भारत बोलेगा पॉडकास्ट, जहां आपको जानकारी भी मिलती है और समझदारी भी. इस सीरीज के सभी पॉडकास्ट सुनने के लिए यहां क्लिक करें.

भारत बोलेगा: जानकारी भी, समझदारी भी

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