दिल का भंवर करे पुकार

प्रसिद्ध स्मारक क़ुतुब मीनार हो या कोई अन्य मॉन्यूमेंट, फिल्में बहुतेरे ही शूट हुई हैं इनके इर्द-गिर्द. लेकिन दिल का भंवर करे पुकार की कहानी की परतें खोल रहीं हैं सुरभि इस पॉडकास्ट में, ठीक उसी तरह जैसे क़ुतुब मीनार की सीढ़ियों से खूबसूरत नूतन को एक-एककर सलीके से उतरते हुए दिखाया गया है.

फ़िल्म थी तेरे घर के सामने और क्या अदा दिखाई देव आनंद ने इस गाने में जहां अंधेरे में भी नूतन की आंखें चमकते हुए रौशनी बिखेर रहीं थीं. सुनें सुनाएं सुरभि के पॉडकास्ट, सिर्फ भारत बोलेगा पर.

जैसा कि आप सभी जानते हैं हिंदी सिनेमा में गीतों की एक अलग भूमिका रही है. आज भी किसी फ़िल्म का हिट होना इस बात पर निर्भर करता है कि उसका संगीत कैसा है, उसमें गीत कैसे हैं. अपने गीत-संगीत की वजह से बॉलीवुड सिनेमा ने खासी जगह भी बनाई है.

इस पॉडकास्ट में सुरभि बात कर रहीं हैं उस गोल्डन दौर की जब फिल्मों में संगीत भी बदल रहा था और सिनेमा दिखाने का अंदाज़ भी.

सुनें सुनाएं सुरभि के पॉडकास्ट

उस दौर में गीतों को फिल्माने के लिए आउटडोर शूट भी शुरू हो चुके थे. ऐसे में इंडियन मॉन्यूमेंट्स (Indian monuments) में गीतों को फिल्माने का चलन भी आया था और उसी दौर का एक गीत था जो सबसे हिट हुआ था. नूतन और देव आनंद पर फिल्माया हुआ – दिल का भंवर करे पुकार.

1963 में प्रदर्शित हिंदी फ़िल्म तेरे घर के सामने के इस गाने – दिल का भंवर करे पुकार, के कुछ बोल आप यहां भारत बोलेगा पर भी सुन सकते हैं. गाना लिखा हसरत जयपुरी ने, संगीत दिया एस.डी.बर्मन ने और इसे आवाज़ दी मोहम्मद रफ़ी ने.

Bollywood film song Dil Ka Bhanwar from the 1963 movie Tere Ghar Ke Samne.

इस गाने को क़ुतुब मीनार (Qutub Minar) के अंदर दिखाया गया है, लेकिन क्या है इसकी सच्चाई और क्या कुछ नई जानकारी भारत बोलेगा लेकर आया है, आप सुनेंगे सिर्फ सुरभि के पॉडकास्ट में.

साथ में बोनस के तौर पर इस पॉडकास्ट में सुनें एक और मशहूर गीत – आज फिर जीने की तमन्ना है – से जुड़ी जानकारी. समझदारी दे रहे हैं वेटरन टेलीविज़न प्रोडूसर व लेखक शरद दत्त कि किस तरह शैलेन्द्र ने इस गीत की रचना की.

Bharat Bolega Podcast

आज फिर जीने की तमन्ना है चित्तोरगढ़ में फिल्माया गया था, देव आनंद और वहीदा रहमान पर. और आप तो जानते ही हैं कि इस गाने के इसी बोल को लेकर भारत बोलेगा आज फिर जीने की तमन्ना है पॉडकास्ट सीरीज चला रहा है जिसे खुद शैलेन्द्र के पुत्र दिनेश शंकर शैलेन्द्र प्रस्तुत कर रहे हैं भारत बोलेगा पर.

भारत बोलेगा: जानकारी भी, समझदारी भी

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