आखिर क्यों हैं पांच सितारा होटल इतने महेंगे?

ठीक फिल्मों और टीवी शो की ही तरह होटलों को भी स्टार रेटिंग द्वारा वर्गीकृत किया जाता है. आम तौर पर भोजन, पहुंच, कमरे के आकार, सुविधाओं, दृश्य, फिटनेस केंद्रों और स्पा की उपलब्धता और गुणवत्ता के आधार पर इनका मूल्यांकन किया जाता है. अनेक अंतरराष्ट्रीय पैमानों पर खरे उतरने पर ही ये होटल पांच सितारा होटल की उपाधि हासिल कर सकते हैं.

पांच सितारा होटल वैसे लक्जरी होटल हैं जो ज्यादातर सेलिब्रिटी, उच्च रैंकिंग अधिकारी, राजनीतिक नेताओं एवं व्यापारिक मोगल द्वारा प्रयोग किए जाते हैं. ये होटल ज्यादातर समय, व्यापारिक अधिकारियों द्वारा किसी व्यापारिक यात्रा या अन्य निवेशकों के साथ बैठक के लिए बुक किए जाते हैं.

सितारा होटल की प्लानिंग

इन होटलों का निर्माण गेस्ट की सुविधानुसार ऐसी जगह तो होता ही है जो शहर के मध्य में स्थित हो, साथ ही क्लाइंट स्पेसिफिक डिमांड्स को ख्याल में रखते हुए योजना तहत जगहों का चुनाव किया जाता है, जैसे कि व्यापार उन्मुख होटल ऐसी जगहों पर स्थित होंगे जहां ज्यादातर बड़े ऑफिस नज़दीक ही हों.

यदि छुट्टियों में चिल करने की बात हो तो पांच सितारा रिजोर्ट बीच पर तो निर्मित होते ही हैं, साथ ही कुछ तो प्राइवेट आईलैंड पर ही बने होते हैं. समुद्र तट का कुछ हिस्सा इन बड़े होटलों के कैंपस के अंदर भी आता है.

इन लक्जरी होटलों को बनाते वक्त ये खास ध्यान दिया जाता है कि उच्च-श्रेणी वाली सामग्री ही इस्तेमाल की जाए तथा इनका एक जटिल वास्तुशिल्प डिजाइन हो. वाकिंग रैंप एवं एंट्रेंस को इस तरह तैयार किया जाता है कि उन पर फिसलन की कम से कम संभावना हो. यहां के प्रशिक्षित पेशेवर अपनी कला को बखूबी निभाते हैं और एक कॉल करते ही आपकी लौंड्री, ड्राई क्लीनिंग, ट्रांसपोर्ट जैसी सेवा में जुट जाते हैं.

इन बड़े होटलों के अंदर ही आपको कई ज़रूरतमंद दुकानें भी देखने को मिलेंगी जहां से आप उपहार, कपड़े, इत्र या सोवेनेयर खरीद सकते हैं. यहां ठहरने पर आपको 24 घंटे की रूम सेवा के साथ-साथ गर्म भोजन और अन्य लक्ज़री सुविधाओं का आनंद भी मिलता है. बाकी होटलों की तुलना में यहां प्रत्येक गेस्ट के लिए स्टाफ की उपलब्धि का रेशियो भी ज्यादा होता है.

आम होटलों के मुताबिक आपको पांच सितारा होटलों के कमरों में करीबन दोगुनी जगह मिलती है. जहां एक से चार सितारा होटलों के कमरे 120 से 140 स्क्वायर फीट होते हैं, वहीं पांच सितारा कमरे कुछ 200 स्क्वायर फीट या उससे ज्यादा बड़े ही होते हैं, जिन्हें सजाने के लिए सामान के चुनाव पर खास ध्यान दिया जाता है.

कमरे के आकार एवं दीवारों के रंग के अनुसार फर्नीचर का चुनाव किया जाता है, साथ ही यह भी ध्यान रखा जाता है कि किस कमरे में किस रंग के फूल, किस डिजाइन की वस्तु और यहां तक कि चादर एवं कंबल की सजावट किस तरह से की जाए.

स्टाफ के सभी सदस्यों को परदे लगाने से लेकर फूल सजाने के विभिन्न तरीकों तक की स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है. इन कमरों में लक्ज़री उत्पाद और टॉयलेटरीज़, हाई-स्पीड इंटरनेट एक्सेस और डीवीडी प्लेयर भी उपलब्ध होते हैं. ये सारे प्रोडक्ट्स अनेक क्वालिटी टेस्ट पर खरे उतरने के बाद ही चुने जाते हैं.

यहां आपको शैंपू भी प्लास्टिक सैशे के बजाये शीशे की छोटी बड़ी बोतलों में मिलेगा. स्टेशनरी से लेकर दवाइयों तक, ताजें फलों से लेकर बार तक की हर आवश्यकता का इंतजाम आपके कमरे में ही होता है.

अधिकतर पांच सितारा होटलों में एक गोल्फ कोर्स, स्पा और वेलनेस सेंटर, पूल और टेनिस कोर्ट का होना एक आम बात है. सुरक्षा का ध्यान और वैले पार्किंग की सुविधा तो अवश्य होती ही होती है. इन होटलों में एक मेहमान की आवश्यकता अनुसार सब कुछ उपलब्ध कराया जाता है, चाहे वो नवीनतम टेक गैजेट क्यों न हो. 

पांच सितारा होटलों के सभी कमरों एवं बाथरूम में टीवी की व्यवस्था भी होने लगी है. मेहमान अपने निजी गार्डन में आराम कर सकते हैं और अपने निजी आउटडोर लाउंज में प्राइवेट डिनर का आयोजन कर सकते हैं. आप अपनी सुबह की शुरुआत अपने निजी हॉट पूल में भी कर सकते हैं एवं रिसॉर्ट के निजी बीच पर सूर्योदय एवं सूर्यास्त का नज़ारा देख सकते हैं.

इतनी सुविधाएं एक जगह उपलब्ध होने पर ऐसी जगह का महंगा होना भी लाज़मी लगने लगता है. एक मध्यम वर्गीय इंसान ऐसे होटलों में रहने की कल्पना मात्र ही कर पाता है. ये सारी सुविधाएं जहां आपको एक गेस्ट के रूप में खास होने का एहसास दिलाती हैं, वहीं इतनी चकाचौंध देखकर एक आम आदमी खुद को और छोटा महसूस करने लग जाता है.

ऐसे होटलों में ठहरना एवं ऐसी सुविधाओं का आनंद ले पाना एक स्वप्न ही लगता है. किसी खास अवसर पर किसी पांच सितारा होटल में गए हों तो आज तक उसका बिल नहीं भूल पाए होंगे आप. पर ये जानकार कि हर वो सुविधा जो आपको उपलब्ध कराई गई वो वैल्यू फॉर मनी थी, दिल में एक संतुष्टि सी मिलती है.

आपकी हर सुविधा से लेकर हर कोने को सुंदर बनाए रखना और आपकी कटलरी तक का खास ख्याल रखना एक पांच सितारा होटल की जिम्मेदारी होती है

फाइव स्टार खाना

सितारा होटलों में खाने की व्यवस्था की हर एक सामग्री स्टैंडर्ड परचेज स्पेसिफिकेशन के द्वारा ही आती है. उदाहरण स्वरूप अगर एक टमाटर की ही बात करें तो देखा जाता है कि टमाटर किस क्वालिटी का है, उसका रंग और आकार कैसा है, उसमे खटास ज्यादा होगी या मिठास, वह गुद्देदार है या लचीला. तय किए गये मानकों पर खरा उतरने के बाद ही सामग्रियों का चुनाव होता है.

यह भी ध्यान रखा जाता है कि ये सामग्रियां कहां से मंगवाई जा रही हैं और वहां उन्हें किस तरह उत्पन्न किया गया. हर कदम के परीक्षण से गुजरने का बाद ही ये सामग्रियां होटल के किचन तक पहुंचती हैं, जहां हेड शेफ के निर्देशन में किचन विभाग की कार्यशैली की एक नई प्रक्रिया शुरू हो जाती है.

इन होटलों में आपकी मांग के अनुसार आपको सिल्वर कटलरी भी उपलब्ध कराई जाती है. हर एक स्टाफ को खाना परोसने के तौर तरीकों के बारे में खास निर्देश होता है. नियमित आधार पर बैठकें और ओरिएंटेशन प्रोग्राम भी आयोजित कराए जाते हैं जिनमें किसी भी आने वाले इवेंट मैनेजमेंट से लेकर मार्केट के नए ट्रेंड्स को विस्तार से बताया जाता है.

अब आप कह सकते हैं के ये सब काम अगर सस्ते में घर पर ही निपटा लिए जाएं तो एक पांच सितारा होटल की भला क्या जरूरत है. ऐसा सोचना जायज भी है. पर एक अनजान शहर, या एक अनजान देश में जब अचानक कोई मुसीबत आन पड़ती है तो एक फ्रेंडली माहौल जैसा वातावरण देने वाले इन होटलों की मदद से समाधान निकाल पाना थोड़ा आसान लगने लगता है. वह सिर्फ आपकी परेशानियों का हल ही नहीं बताते पर उन्हें दूर करने का हरसंभव प्रयास भी करते हैं.

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