‘फेक न्यूज़’ के विषाणु से कैसे बचें

पोप फ्रांसिस ने ‘फेक न्यूज़’ यानी नकली समाचारों के विषाणु को मारने हेतु एक महत्वपूर्ण औषधि प्रदान की है – सच्चाई द्वारा शुद्धिकरण की औषधि. पोप का कहना है कि ‘सत्य तुम्हें स्वतंत्र कर देगा. भारत बोलेगा इसी सिद्धांत से फेक न्यूज़ से हट कर शांति हेतु पत्रकारिता कर रहा है.

मानव संचार जीवन का एक अभिन्न एवं सुन्दर अंग है और विकृत संचार अत्यधिक हानि पहुंचाता है. नकली समाचारों के दुष्प्रभाव को कुछ इस तरह समझा जा सकता है कि जब सच्चाई को हेरफेर किया जाता है तब इससे न केवल आम जनता बल्कि सभी लोग प्रभावित होते हैं.

पोप का भी कहना है कि आज के इस तेजी से बदलते संचार एवं डिजिटल जगत में, हम फेक न्यूज़ के विस्तार को देख रहे हैं. इस पर गंभीरता से चिंतन करने की जरूरत है. इसको दूर करने के लिए हमारे साझे समर्पण तथा पत्रकारिता की पुनः खोज करने एवं सच्चाई का प्रचार करने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है.

जहां कई मीडिया संस्थान फेक न्यूज़ के माध्यम से असहिष्णुता एवं अतिसंवेदनशील दृष्टिकोण अपनाए हुए हैं, जिससे केवल अहंकार और नफरत का प्रचार हो रहा है वहीं भारत बोलेगा के पाठकों से अनुरोध है के वे झूठ का मुकाबला करने की जिम्मेदारी निभाएं.

झूठ से लड़ना आसान नहीं है, फिर भी विवेक से सोचना होगा और उन्हें अपने दोस्तों व संबंधियों को बताना होगा कि भ्रामक भाषा द्वारा लगातार दूषण हमारे आंतरिक जीवन को अंधकारमय बना सकता है. अपने पड़ोसियों से भी हमें यह चर्चा करनी होगी कि हम किस तरह से झूठ के विषाणु को नष्ट कर सकते हैं.

हमें यह समझ लेना ही चाहिए कि सबसे महत्वपूर्ण औषधि है सत्य. सत्य की परख करने के लिए हमें उन सभी बातों की परख करने की आवश्यकता है जो एकाकी, विभाजन एवं विरोध में से एकता और अच्छाई को प्रोत्साहित करे. भारत बोलेगा यही करता है.

शांति हमेशा एक सच्ची खबर होती है जबकि झूठ सही रणनीति नहीं है. इसलिए जिम्मेदारी ही फेक न्यूज को फैलने से रोकने का सही उत्तर है. हमें मिलकर समाचारों की रक्षा करनी होगी, भारत बोलेगा को आगे बढ़ाना होगा.

खासकर, हमारे पाठकों के कंधों पर यह एक भारी जिम्मेदारी है, कि वे भारत बोलेगा को प्रोत्साहित करें क्योंकि यह समाचार वेबसाइट हमारे लिए एक मिशन है.

चर्चा में