घबराहट से लड़ें, इसे नजरअंदाज न करें

यदि आप या आपका कोई प्रियजन घबराहट (Anxiety) और मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो याद रखें—आप अकेले नहीं हैं. छोटी या बड़ी बातों पर अभिभूत महसूस करना या घबराहट होना सामान्य है, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि हम इसे स्वीकार करें और उपचार की ओर कदम बढ़ाएं.

If you or a loved one is struggling with anxiety, you are not alone.

क्या आप जानते हैं?

आज के दौर में ‘एंग्जायटी’ सबसे आम और सबसे कम आंकी जाने वाली बीमारी है. स्थिति यह है कि लगभग हर दूसरा व्यक्ति इससे जूझ रहा है, लेकिन दुखद यह है कि वे इसका समाधान नहीं ढूंढ रहे हैं.

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

जब कोई छोटा या बड़ा विचार, घटना या भावना ‘पैनिक अटैक’ (Panic Attack) का रूप लेती है, तो शरीर ये संकेत देता है:

  • हाथ-पैरों की उंगलियों में झनझनाहट
  • सांस लेने में तकलीफ और शरीर में कमजोरी
  • मांसपेशियों में खिंचाव या ऐंठन
  • दिल की धड़कन का अचानक बहुत तेज हो जाना (Palpitations)
  • बिना किसी ठोस वजह के रोने का मन करना या हार मान लेने की भावना

तत्काल राहत के लिए क्या करें? पैनिक अटैक आने पर सबसे पहले गहरी सांस लें और खुद से कहें कि “सब ठीक हो जाएगा.” जो काम कर रहे हैं उसे रोक दें, शरीर को ढीला छोड़ें और यदि संभव हो तो लेट जाएं. खाली पैकेट (Paper Bag) में सांस लेना और छोड़ना भी मददगार होता है. यदि लक्षण कम न हों, तो तुरंत डॉक्टर को फोन करें.

समाधान के तीन चरण

1. संवाद करें (Talk It Out)

रिकवरी की शुरुआत साझा करने से होती है. ‘स्नेही’ (Snehi) संस्था के काउंसलर अब्दुल माबूद कहते हैं, “87% लोग रिश्तों की कमी और अपनी बातें साझा न कर पाने के कारण पीड़ित होते हैं.” ‘स्नेही’ एक गैर-लाभकारी संगठन है जो 1994 से मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत है और टेलीफोनिक व फेस-टू-फेस काउंसलिंग प्रदान करता है.

लोग रिश्तों की कमी और अपनी बातें साझा न कर पाने के कारण पीड़ित होते हैं

2. सही उपचार चुनें (Treat It Right)

एडवांस्ड होम्योपैथी क्लीनिक की विशेषज्ञ डॉ. मिली और डॉ. मारूफ का मानना है कि होम्योपैथी एंग्जायटी का जड़ से उपचार कर सकती है.

  • डॉ. मिली: “हम केवल लक्षणों का नहीं, बल्कि कारण का इलाज करते हैं. जहां अन्य दवाएं जीवनभर लेनी पड़ सकती हैं, वहीं सही होम्योपैथिक उपचार से मरीज एक साल के भीतर दवा बंद कर सकता है.”
  • डॉ. मारूफ: “आज 90% लोग लाइफस्टाइल से जुड़ी मानसिक समस्याओं से परेशान हैं. होम्योपैथी के परिणाम इस क्षेत्र में आश्चर्यजनक हैं.”
एडवांस्ड होम्योपैथी क्लीनिक की विशेषज्ञ डॉ. मिली और डॉ. मारूफ का मानना है कि होम्योपैथी एंग्जायटी का जड़ से उपचार कर सकती है

3. गहराई को समझें (Understand the Root)

एंग्जायटी रातों-रात पैदा नहीं होती. बचपन से जुड़ी अनसुलझी बातें अक्सर बड़े होने पर गंभीर रूप ले लेती हैं. काउंसलिंग केवल इलाज नहीं, बल्कि मार्गदर्शन भी है.

मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न आयाम

मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को ‘पागलपन’ समझना गलत है. इसमें कई श्रेणियां शामिल हैं:

  • मूड विकार: डिप्रेशन और बाइपोलर डिसऑर्डर
  • ईटिंग डिसऑर्डर: एनोरेक्सिया और बिंज ईटिंग
  • न्यूरो-डेवलपमेंटल: ADHD और ऑटिज्म
  • अन्य: PTSD (सदमा) और OCD (जुनूनी बाध्यकारी विकार)

बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य: चाइल्ड काउंसलर शिप्रा तिवारी (30+ वर्षों का अनुभव) कहती हैं, “काउंसलिंग केवल विशेष बच्चों के लिए नहीं, बल्कि सही दिशा दिखाने के लिए भी है. यह माता-पिता को उनकी पैरेंटिंग शैली सुधारने और बच्चों को भावनात्मक बाधाओं से उबरने में मदद करती है.”

काउंसलिंग केवल विशेष बच्चों के लिए नहीं, बल्कि सही दिशा दिखाने के लिए भी है

मानसिक सेहत के लिए कुछ सुझाव

  • डिजिटल डिटॉक्स: सोने से एक घंटा पहले मोबाइल से दूरी बनाएं
  • नियमित व्यायाम: शारीरिक गतिविधि से ‘एंडोर्फिन’ हार्मोन रिलीज होता है जो तनाव कम करता है
  • नींद: कम से कम 7-8 घंटे की गहरी नींद मानसिक स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है

मदद के लिए हाथ बढ़ाएं

शांतिपूर्ण जीवन की ओर पहला कदम उठाएं. किसी काउंसलर से मिलें, हेल्पलाइन पर बात करें या किसी भरोसेमंद दोस्त का कंधा थपथपाएं. बस चुप न रहें.

संपर्क सूत्र: 📞 स्नेही हेल्पलाइन: +91-9582208181

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है. किसी भी उपचार या दवा को शुरू करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ या डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें.