अमर प्रेम कहानियां जो आज भी लोकप्रिय हैं

दुनिया बनने से पहले ही प्रेम की दुनिया कायम थी. इसके कई किस्से और कहानियां हैं. नफरत तो दुनिया में बाद में आई. आइए जानते हैं कुछ याद करने लायक प्रेम कहानियां.

शाहजहां-मुमताज

इतिहास के पन्नों में शाहजहां-मुमताज की प्रेम कहानी सबसे अनोखी है. इनकी मुहब्बत की निशानी आज भी ताजमहल के रूप में मौजूद है.

पृथ्वीराज-संयुक्ता

पृथ्वीराज को अपने दुश्मन कन्नौज के राजा जयचंद की बेटी संयुक्ता से प्यार हो गया. फिर वे अपने दुश्मन के भरे दरबार से सबके सामने संयुक्ता को लेकर भाग गए.

बाजबहादुर-रुपमति

मालवा के सुल्तान बाज बहादुर ने शिकार के दौरान मामूली सी लड़की रुपमति को देखा और दिल दे बैठे. उन्होंने किसी की परवाह किए बिना रुपमति को अपनी अपनी बेगम बना लिया.

बाजीराव-मस्तानी

मराठा पेशवा बाजीराव की दूसरी मुस्लिम पत्नी का नाम मस्तानी था. दोनों की प्रेम कहानी सदियों बाद भी लोग नहीं भूले हैं.

सलीम-अनारकली

सलीम-अनारकली की कहानी ऐसी दर्द भरी दांस्तां हैं, जिसका अंजाम बेहद खतरनाक निकला. सलीम ने अनारकली से दूर होने के बजाय मौत के मुंह में जाना बेहतर समझा, लेकिन अनारकली ने यह कहते हुए खुद को बादशाह अकबर के हवाले कर दिया कि, मौत वही जो दुनिया देखे…

चंद्रगुप्त-हेलेना

मगध के राजा चंद्रगुप्त ग्रीस की हेलेना को देखकर ऐसे दीवाने हो गए कि उनको पाने के लिए उनके पिता सेल्युकस से यु्द्ध करने को तैयार हो गए. युद्ध में सेल्युकस को हराने के बाद उन्होंने हेलेना से शादी का प्रस्ताव रखा.

औरंगजेब-जैनाबदी

कहते हैं कि धर्मांध मुगल शासक औरंगजेब भी एक महिला की मुहब्बत में गिरफ्तार था, लेकिन अपनी छवि और जमाने में जगहंसाई के डर से औरंगजेब ने जैनाबदी का नाम जुबान पर नहीं आने दिया.

सोनी-महिवाल

सोहनी-महिवाल की प्रेम कहानी आज भी लोग नहीं भूले. सोनी के पिता ने जब उसकी जबरन शादी कर दी तो दीवाना महिवाल उसके गांव जा पहुंचा और शादी के बाद भी दोनों एक दूसरे से मिलते रहे बाद में दोनों ने एक साथ मौत को गले लगा लिया.

हीर-रांझा

हीर बहुत खूबसूरत थी और रांझा से बेहद प्रेम करती थी. हीर के घरवालों को ये रास नहीं आया और उन्होंने उसकी शादी कर दी, लेकिन रांझा हीर के प्यार में फकीर बनकर उसके गांव में पहुंच गया. इस प्रेम कहानी का अंत भी मौत से हुआ.

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