
भीषण गर्मी और चढ़ते पारे के बीच बेहाल होना लाजमी है. लेकिन क्या इसका समाधान सिर्फ एयर-कंडीशनर है? सुबह की पहली किरण के साथ शुरू होने वाली पसीने की जंग को हम अपने खान-पान, सही नजरिए और छोटे-छोटे देसी नुस्खों से जीत सकते हैं. गर्मी के इस प्रकोप को दुश्मन नहीं, दोस्त बनाने का हुनर समझना आज के समय की बड़ी जरूरत है.
गर्मी की सबसे ज्यादा मार खेतों में काम करने वालों पर पड़ती है. इमारतों का बोझ ढोते मजदूरों और पसीना बहाते रिक्शा चालकों के लिए यह सूरज आग की तरह है. हम उनकी इस पीड़ा को केवल शब्दों में बयां कर सकते हैं. लेकिन इसका असली दर्द वही महसूस करते हैं, जो इसे हर दिन सहते हैं.
भीषण गर्मी: क्या एयर-कंडीशनर ही एकमात्र समाधान है?
गर्मी का कोई स्थायी हल तो नहीं है, लेकिन सही तालमेल बिठाकर इससे लड़ना हमारे हाथ में है. क्या आपने कभी गौर किया है? जो लोग हमेशा एयर-कंडीशन (AC) में रहते हैं, वे बाहर निकलते ही बेहाल हो जाते हैं. उनसे जरा सी तपिश बर्दाश्त नहीं होती. पारा बढ़ते ही उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है और वे अपनी हर झुंझलाहट का दोष गर्मी के सिर मढ़ देते हैं.
इसके विपरीत, क्या आपने कभी कड़ी धूप में जूझते लोगों को बेवजह गुस्सा करते देखा है? शायद नहीं. क्योंकि वे गर्मी से लड़ना और उसके साथ जीना जानते हैं.
गर्मी को मात देने के अचूक उपाय: डाइट और लाइफस्टाइल मंत्र
अगर आप हीटवेव (Heatwave) और तपते सूरज को मात देना चाहते हैं, तो अपनी जीवनशैली में ये छोटे बदलाव करें:
हाइड्रेशन है जरूरी: दिन भर खूब पानी पीएं.
मौसमी फल: तरबूज, खरबूजा और खीरे जैसे पानी से भरपूर फल खाएं.
हरी सब्जियां: अपनी डाइट में लौकी, तोरई और पुदीना जैसी ताजी सब्जियां शामिल करें.
सूती कपड़े: हल्के रंग के सूती (Cotton) कपड़े पहनें, जो त्वचा को सांस लेने दें.
खुशमिजाजी: सबसे जरूरी है—खूब खुश रहें. सकारात्मक सोच शरीर की सहनशक्ति बढ़ाती है.
मेहनतकशों की तपिश: पसीने और संघर्ष की अनकही दास्तां
आपने देखा होगा कि जो लोग धूप में लगातार काम करते हैं, उन्हें गर्मी का उतना एहसास नहीं होता. उनके चेहरों पर अक्सर एक सहज मुस्कान बनी रहती है. वे जानते हैं कि गर्मी को दुश्मन नहीं, दोस्त समझकर ही काम आसान होगा.
जरूरतमंदों की मदद करें: तपती दोपहर में किसी को ठंडा पानी पिलाना या पक्षियों के लिए दाना-पानी रखना न केवल पुण्य है, बल्कि यह आपको असीम मानसिक शांति और खुशी भी देता है. यकीन मानिए, इस खुशी के आगे गर्मी ‘छू’ हो जाएगी.
प्राकृतिक शीतलता: योग और देसी खान-पान
योग और प्राणायाम: भारतीय योग पद्धति में ‘शीतली’ और ‘शीतकारी’ जैसे प्राणायाम बताए गए हैं, जो शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखते हैं. इनसे न केवल मन को शांति मिलती है, बल्कि शारीरिक तापमान भी संतुलित रहता है. यदि आप भी ऐसे किसी प्रभावी प्राणायाम के बारे में जानते हैं, तो हमें जरूर बताएं ताकि हम उस ज्ञान का ‘छायादार वृक्ष’ अन्य पाठकों तक भी पहुंचा सकें.
देसी समर ड्रिंक्स: गर्मी से बचने के लिए हमारे पास पारंपरिक खजाना मौजूद है. जलजीरा, कच्चे आम का पना, बेल का शरबत, मट्ठा और दही—ये सिर्फ पेय नहीं, बल्कि औषधियां हैं. अपनी डाइट में प्याज और छाछ को शामिल करें, ये लू से बचाने में रामबाण हैं.
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