इग्नोर न करें, खुद पर भी ध्यान दें

आज के समय में महिलाओं की ज़िम्मेदारी बहुत बढ़ गई है. अक्सर देखा गया है कि बाहर का काम करने के साथ-साथ घर संभालना भी महिलाओं के दायित्व में ही आता है. इसके कारण महिलाएं अपने आपको ही इग्नोर कर देती हैं.

परिणामस्वरूप उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इसलिए महिलाओं में पुरुषों की तुलना में कमर दर्द की समस्या बहुत आम है. इसका मुख्य कारण है शरीर का आवश्यकता से अधिक उपयोग करना और कैल्शियम की कमी.

महिलाओं में खासकर 30 वर्ष के बाद से कमर दर्द की समस्या बढ़ती जाती है और खासकर मेनौपोज के बाद इसमें तीव्रता देखने को मिलती है. इसलिए जरूरी हो जाता है कि इस समय महिलाएं अपने खान-पान और अपने शरीर का विशेष ध्यान रखें.   

15 मिनिट जरूर करें ये योगासन 

अपने व्यस्त लाइफ स्टाइल में से 15 मिनट या आधा घंटा अपने लिए जरूर निकालें. रोज के व्यायाम में 5-10 मिनट मकरासन का अभ्यास करें. इस आसन से कमर दर्द में बहुत आराम मिलता है.

इसके लिए पहले किसी समतल जगह पर पेट के बल लेट जाएं फिर अपनी कोहनियों को जमीन से टिकाकर रखें और अपनी ठोड़ी को अपने हाथों की हथेलियों पर रखें. गर्दन पर ज्यादा तनाव न आए इसके लिए अपनी कोहनियों को थोड़ा सा दूर-दूर रखें. दोनों पैरों की उंगलियों को विपरीत दिशा में तथा एड़ीयों को एक साथ रखें. इसी स्थिति में थोड़ी देर रहें.

इसके अलावा भुजंगासन, बालासन, पाद हस्तासन, पश्चिमोत्तासन, सूर्य नमस्कार को अपने व्यायाम में शामिल करें. 

इनका भी रखें खास ध्यान

सही तरीके से न उठना और बैठना कमर दर्द की एक वजह है. लैपटाप या टेबल पर काम करते समय अपनी कमर सीधी करके बैठें. अगर हमें झुककर कोई समान उठाना है तो सीधे कमर से झुकने के बजाय घुटनों को मोड़कर उठाने का प्रयत्न करें. ऑफिस में लंबे समय तक चेयर में बैठे रहने के बजाए बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें.  

अपनी डाइट में कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा रखें. दूध और दूध से बनने वाले पदार्थों में कैल्शियम की प्रचुर मात्रा पाई जाती है. इसके अलावा अंडे, केले, हरी सब्जियां भी कैल्शियम का अच्छा स्रोत हैं. साथ ही अपने चिकित्सक के परामर्श से इसके सप्लिमेंट्स भी ले सकते हैं.

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