अमृतसर और देशभक्ति

अमृतसर स्वर्ण मंदिर

हाल ही में मैंने मां के साथ अमृतसर जाने का प्रोग्राम बनाया. अमृतसर का क्रेज मेरे मन में सिर्फ स्वर्ण मंदिर को लेकर ही नहीं है. पंजाबी कौम के लिए मन में सम्मान और वाघा बॉर्डर का आकर्षण आपको अमृतसर बार-बार जाने को मजबूर करता है, या कहें कि प्रेरणा देता है.

सुबह अमृतसर पहुंचते ही स्टेशन के बाहर चाय पी और ऑटो का इंतज़ार कर रहा था कि एक व्यक्ति ने सलाह दी, रेलवे स्टेशन से दक्षिण की तरफ उतरिए और पांच मिनट में दुर्गयाना मंदिर में दर्शन करें.

हमारे ठहरने के लिए एक धर्मशाला मंदिर के ठीक सामने था. जब हम दस मिनट की पैदल यात्रा के बाद वहां पहुंचे और थोड़ी मशक्कत के बाद एक कमरा मिल गया. हमने थोड़ी देर आराम करने के बाद दुर्गयाना मंदिर और स्वर्ण मंदिर में दर्शन किया. शाम में जलियांवाला बाग में आज़ादी के शहीदों को याद किया.

Jalianwala Baghबंद है जलियांवाला बाग का लाइट एंड साउंड शो

पिछली बार जलियांवाला बाग का लाइट एंड साउंड शो मज़ेदार लगा था, पर इस बार पता चला कि यह बंद है और ऐसा सरकार के निर्देश के बाद किया गया है.

रोज़ सुबह दुर्गयाना मंदिर में पूजा, दिन में पराठा-लस्सी और शाम को स्वर्ण मंदिर का भव्य दर्शन. साथ में ही मौजूद जलियांवाला बाग, अमृतसर में दिन कैसे बीतता है, पता ही नहीं लगता. साथ में अगर वाघा बॉर्डर की मस्ती की बात नहीं की जाए तो यह यात्रा अधूरी रहेगी.

अंग्रेजी हुकूमत ने ये क्या किया

अमृतसर से करीब 30 किलोमीटर दूर अटारी आप बस से 30 रूपये का किराया देकर पहुंच सकते हैं. इसके बाद करीब 2 किलोमीटर के लिए ऑटो 10 रूपये चार्ज करता है. वहां से बीएसएफ का इलाका शुरू हो जाता है.

कई दौर की चेकिंग के बाद जब आप परेड ग्राउंड पर पहुंचते हैं तो सामने पाकिस्तान की दीवार देखकर एक बार तो यही फीलिंग आती है कि दो भाई बिछड़ गए और अंग्रेजी हुकूमत ने ये क्या किया.

बॉर्डर पर परेड देखने के बाद तो दिल में देशभक्ति की भावना जोर मारने लगती है, जवानों का जोश और दर्शकों की नारेबाजी मिलकर ऐसा समां बांधते हैं कि इसे बस महसूस किया जा सकता है.

जलियांवाला बाग ये देखो यहां चली थी गोलियां, ये मत पूछो किसने खेली यहां खून की होलियां

एक तरफ़ बंदूकें दन-दन एक तरफ थी टोलियां, मरनेवाले बोल रहे थे इनक़लाब की बोलियां

पंजाबी लेडीज सूट और दुप्पटे का बड़ा बाजार

वीकेंड के साथ एक और छुट्टी मिल जाए तो दिल्ली में रहने वाले लोग सिर्फ 2000 रूपये में अमृतसर घूमकर वापस आ सकते हैं. शर्त सिर्फ एक है कि आप बहुत ही अधिक सुविधाओं वाली यात्रा या खाने से परहेज करें.

अमृतसर कपड़ों के लिए उत्तर भारत का प्रमुख व्यावसायिक शहर है और लेडीज सूट, दुप्पट्टे एवं तौलिये के लिए आप कपड़ा बाजार का रुख कर सकते हैं, जहां बहुत सस्ती कीमत पर आपको बेहतरीन कपड़े मिल सकते हैं.

अमृतसर रेलवे स्टेशन के पास स्थित शक्तिपीठ अपने आप में देश के सभी मशहूर तीर्थस्थलों का समागम है जिसे देखना बिलकुल न भूलें.

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अमित त्यागी ...born as a human, trying to learn humanity.